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Bihar Weather News: नेपाल की बारिश से गंडक उफान पर, बराज के सभी 36 गेट खुले; 13 जिलों में बाढ़ अलर्ट

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। वाल्मीकिनगर बराज के सभी 36 गेट खोले गए, 13 जिलों में अलर्ट।

पटना, 27 सितंबर, आलम की खबर: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार की गंडक नदी पर साफ दिखाई देने लगा है। नेपाल से बड़ी मात्रा में पानी आने के बाद वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। स्थिति को देखते हुए बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। जलस्तर में अचानक हुई इस बढ़ोतरी के बाद गंडक बेसिन से जुड़े बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

गंडक बराज पर पानी का डिस्चार्ज करीब 4 लाख क्यूसेक के पार पहुंचने की जानकारी सामने आई है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश जारी रहने की स्थिति में नदी का दबाव और बढ़ सकता है। यही वजह है कि प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

नेपाल से लगातार बढ़ रहा पानी का दबाव

नेपाल में लगातार बारिश के कारण वहां की नारायणी नदी का जलस्तर भी तेजी से ऊपर गया है। देवघाट गेजिंग स्टेशन पर जलस्तर 8.98 मीटर तक पहुंचने की जानकारी है, जबकि खतरे का निशान करीब 9 मीटर बताया गया है।

देवघाट क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद उसका सीधा प्रभाव गंडक नदी के प्रवाह पर पड़ रहा है। यह पानी बिहार की ओर बढ़ रहा है, जिससे नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने लगा है।

25 सितंबर से कई गुना बढ़ा डिस्चार्ज

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार गंडक बराज पर पानी के डिस्चार्ज में बेहद तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 25 सितंबर को जहां बराज से करीब 1.02 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, वहीं 26 सितंबर की सुबह यह बढ़कर लगभग 2.86 लाख क्यूसेक हो गया।

इसके बाद पानी की मात्रा और बढ़ी तथा अब यह 4 लाख क्यूसेक के आंकड़े को पार कर गई है। इतने कम समय में जलप्रवाह में हुई इस वृद्धि ने नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

13 जिलों में अलर्ट, तटबंधों की निगरानी बढ़ी

गंडक नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए राज्य सरकार ने नदी बेसिन से जुड़े 13 जिलों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण समेत गंडक के आसपास के जिले शामिल हैं।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने संबंधित जिलों के प्रशासन को तटबंधों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया है।

प्रशासनिक स्तर पर तटबंधों के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। स्लूइस गेट और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की भी जांच की जा रही है, ताकि पानी के बढ़ते दबाव के बीच किसी तरह की समस्या को समय रहते रोका जा सके।

निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह

गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है। प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है।

अचानक बढ़ने वाला जलस्तर खेतों, संपर्क मार्गों और नदी किनारे बसे गांवों को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है।

बराज के सभी गेट खोलकर पानी का दबाव नियंत्रित करने की कोशिश

वाल्मीकिनगर गंडक बराज के सभी 36 गेट खोल दिए जाने के बाद नदी का अतिरिक्त पानी आगे छोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य बराज पर पानी के दबाव को नियंत्रित करना और बढ़ते जलप्रवाह के बीच संरचना की सुरक्षा बनाए रखना है।

हालांकि, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश की स्थिति आगे कैसी रहती है, इसका सीधा असर बिहार में गंडक के जलस्तर पर पड़ेगा। यदि ऊपरी क्षेत्रों से पानी का प्रवाह लगातार बढ़ता रहा तो नदी किनारे के इलाकों में चुनौती और बढ़ सकती है।

प्रशासन की नजर नेपाल से आने वाले पानी पर

फिलहाल बिहार प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी पर बनी हुई है। गंडक नदी के जलस्तर, बराज के डिस्चार्ज और तटबंधों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में स्थानीय प्रशासन को राहत सामग्री, नाव और बचाव दल जैसी व्यवस्थाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से अपील की गई है कि नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अनावश्यक रूप से नदी या तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं।

आने वाले घंटों में नेपाल से पानी की आवक और गंडक नदी के जलस्तर में होने वाला बदलाव स्थिति की गंभीरता तय करेगा। फिलहाल 13 जिलों को अलर्ट पर रखते हुए प्रशासन ने निगरानी और बचाव व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है।

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गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच तटबंधों की निगरानी सबसे अहम

नेपाल में होने वाली बारिश का सीधा असर बिहार की नदियों पर पड़ता है। ऐसे में गंडक के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी के दौरान तटबंधों की निगरानी, संवेदनशील स्थानों पर लगातार गश्त और निचले इलाकों में समय पर सूचना पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। प्रशासन की तैयारी जितनी पहले सक्रिय होगी, संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालना उतना ही आसान होगा।

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